🕉️ 29 October 2026, Thursday · 05:10:41 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

स्तोचते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

स्तोचते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

स्तोचते

अर्थ: संतुष्ट होना, प्रसन्न होना

संस्कृत: प्रसादे

अंग्रेज़ी: to be pleased, to be happy

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. स्तुच् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — स्तुच् (भ्वादिगण) · अर्थ: संतुष्ट होना, प्रसन्न होना (प्रसादे)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमस्तोचतेस्तोचेतेस्तोचन्ते
मध्यमस्तोचसेस्तोचेथेस्तोचध्वे
उत्तमस्तोचेस्तोचावहेस्तोचामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्तोचते · लिट् (आत्मने.): तुष्टुचे · लुट् (आत्मने.): स्तोचिता · लृट् (आत्मने.): स्तोचिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्तोचताम् · लङ् (आत्मने.): अस्तोचत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्तोचेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्तोचिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अस्तोचिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्तोचिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तोचन · ण्वुल्: स्तोचकः · तृच्: स्तोचिता · ण्यत्: स्तोच्यः · तव्य: स्तोचितव्यः · अनीयर्: स्तोचनीयः · क्त: स्तुचितः · क्तवतु: स्तुचितवान् · शानच्: स्तोचमानः · क्त्वा: स्तुचित्वा · ल्यप्: प्रस्तुच्य · तुमुन्: स्तोचितुम् · णमुल्: स्तोचम् · घञ्: स्तोकः · क्तिन्: स्तुक्ति · क्वसु: तुष्टुच्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
स्तोचतेस्तुच् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

स्तोचते ➤ संतुष्ट होना, प्रसन्न होना
संस्कृत: प्रसादे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें