॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छूना, स्पर्श करना
संस्कृत: संस्पर्शने
अंग्रेज़ी: to touch
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्पृशति | स्पृशतः | स्पृशन्ति |
| मध्यम | स्पृशसि | स्पृशथः | स्पृशथ |
| उत्तम | स्पृशामि | स्पृशावः | स्पृशामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्पृशति · लिट्: पस्पर्श · लुट्: स्पर्ष्टा · लृट्: स्पर्क्ष्यति · लोट्: स्पृशतात् · लङ्: अस्पृशत् · विधिलिङ्: स्पृशेत् · आशीर्लिङ्: स्पृश्यात् · लुङ्: अस्पार्क्षीत् · लृङ्: अस्पर्क्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्पर्शन · ण्वुल्: स्पर्शकः · तृच्: स्प्रष्टा · तव्य: स्प्रष्टव्यः · अनीयर्: स्पर्शनीयः · क्त: स्पृष्टः · क्तवतु: स्पृष्टवान् · शतृ: स्पृशन् · स्य-शतृ: स्प्रक्ष्यन् · क्त्वा: स्पृष्ट्वा · ल्यप्: प्रस्पृश्य · तुमुन्: स्प्रष्टुम् · णमुल्: स्पर्शम् · घञ्: स्पर्शः · क्तिन्: स्पृष्टि · क्वसु: पस्पृश्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्पृशति | स्पृश् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्पृशता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: स्पृश + तल् (भाववाचक) | स्पृशत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्पृश् + शतृ |
स्पृशति ➤ छूना, स्पर्श करना
संस्कृत: संस्पर्शने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड