॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: विकसने
अंग्रेज़ी: to grow, to blossom
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्फुण्डते | स्फुण्डेते | स्फुण्डन्ते |
| मध्यम | स्फुण्डसे | स्फुण्डेथे | स्फुण्डध्वे |
| उत्तम | स्फुण्डे | स्फुण्डावहे | स्फुण्डामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्फुण्डते · लिट् (आत्मने.): पुस्फुण्डे · लुट् (आत्मने.): स्फुण्डिता · लृट् (आत्मने.): स्फुण्डिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्फुण्डताम् · लङ् (आत्मने.): अस्फुण्डत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्फुण्डेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्फुण्डिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अस्फुण्डिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्फुण्डिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्फुण्डन · ण्वुल्: स्फुण्डकः · तृच्: स्फुण्डिता · ण्यत्: स्फुण्ड्यः · तव्य: स्फुण्डितव्यः · अनीयर्: स्फुण्डनीयः · क्त: स्फुण्डितः · क्तवतु: स्फुण्डितवान् · शानच्: स्फुण्डमानः · क्त्वा: स्फुण्डित्वा · ल्यप्: प्रस्फुण्ड्य · तुमुन्: स्फुण्डितुम् · णमुल्: स्फुण्डम् · घञ्: स्फुण्डः · क्तिन्: स्फुण्टि · क्वसु: पुस्फुण्ड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्फुण्डते | स्फुण्ड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्फुण्डत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फुण्ड् + शतृ | स्फुण्डत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फुण्ड् + शतृ |
स्फुण्डते ➤ to grow, to blossom (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: विकसने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड