॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | हयति | हयतः | हयन्ति |
| मध्यम | हयसि | हयथः | हयथ |
| उत्तम | हयामि | हयावः | हयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: हयति · लिट्: जहाय · लुट्: हयिता · लृट्: हयिष्यति · लोट्: हयतात् · लङ्: अहयत् · विधिलिङ्: हयेत् · आशीर्लिङ्: हय्यात् · लुङ्: अहयीत् · लृङ्: अहयिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हयन · ण्वुल्: हायकः · तृच्: हयिता · ण्यत्: हाय्यः · तव्य: हयितव्यः · अनीयर्: हयनीयः · क्त: हयितः · क्तवतु: हयितवान् · शतृ: हयन् · स्य-शतृ: हयिष्यन् · क्त्वा: हयित्वा · ल्यप्: प्रहय्य · तुमुन्: हयितुम् · णमुल्: हायम् · घञ्: हायः · क्तिन्: ढि · क्वसु: ज्झ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| हयति | हय् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: हयता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: हय + तल् (भाववाचक) | हयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: हय् + शतृ |
हयति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड