॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अस्पष्ट शब्द करना, हिनहिनाना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे
अंग्रेज़ी: to snicker, to sound inarticulately
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ह्रेषते | ह्रेषेते | ह्रेषन्ते |
| मध्यम | ह्रेषसे | ह्रेषेथे | ह्रेषध्वे |
| उत्तम | ह्रेषे | ह्रेषावहे | ह्रेषामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): ह्रेषते · लिट् (आत्मने.): जिह्रेषे · लुट् (आत्मने.): ह्रेषिता · लृट् (आत्मने.): ह्रेषिष्यते · लोट् (आत्मने.): ह्रेषताम् · लङ् (आत्मने.): अह्रेषत · विधिलिङ् (आत्मने.): ह्रेषेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ह्रेषिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अह्रेषिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अह्रेषिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ह्रेषण · ण्वुल्: ह्रेषकः · तृच्: ह्रेषिता · ण्यत्: ह्रेष्यः · तव्य: ह्रेषितव्यः · अनीयर्: ह्रेषणीयः · क्त: ह्रेषितः · क्तवतु: ह्रेषितवान् · शानच्: ह्रेषमाणः · क्त्वा: ह्रेषित्वा · ल्यप्: प्रह्रेष्य · तुमुन्: ह्रेषितुम् · णमुल्: ह्रेषम् · घञ्: ह्रेषः · क्तिन्: ह्रेष्टि · क्वसु: जिह्रेष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ह्रेषते | ह्रेष् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ह्रेषता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ह्रेष् + घञ् · तद्धित: ह्रेष + तल् (भाववाचक) | ह्रेषता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: ह्रेष् + घञ् · तद्धित: ह्रेष + तल् (भाववाचक) |
ह्रेषते ➤ अस्पष्ट शब्द करना, हिनहिनाना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड