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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

अवति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

अवति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

अवति

अर्थ: संरक्षण करना, जाना, कामना करना, प्रेम करना, संतुष्ट करना, आनन्दित करना, प्रवेश करना, सुनना, मालिक होना, आज्ञा करना, मांगना, कर्म करना, कान्तियुक्त होना,प्राप्त होना, आलिंगन करना, मार डालना, दुख होना, ग्रहण करना, ग्रहण होना, बढ़ाना, शक्तिमान होना

संस्कृत: रक्षणगतिकान्तिप्रीतितृप्त्यवगमप्रवेशश्रवणस्वाम्यर्थयाचनक्रियेच्छादीप्त्यवाप्त्यालिङ्गनहिंसादानभागवृद्धिषु

अंग्रेज़ी: to protect,to go, to desire, to wish, to love, to please, to satisfy, to enter, to hear, to own, to order, to command, to request, to beg, to act, to glow, to shine, to obtain, to hug, to embrace, to kill, to hurt, to grow, to gain power

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. अव् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. अवत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + शतृ
  3. अवत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + शतृ
  4. अवता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + अच् · तद्धित: अव + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — अव् (भ्वादिगण) · अर्थ: संरक्षण करना, जाना, कामना करना, प्रेम करना, संतुष्ट करना, आनन्दित करना, प्रवेश करना, सुनना, मालिक होना, आज्ञा करना, मांगना, कर्म करना, कान्तियुक्त होना,प्राप्त होना, आलिंगन करना, मार डालना, दुख होना, ग्रहण करना, ग्रहण होना, बढ़ाना, शक्तिमान होना (रक्षणगतिकान्तिप्रीतितृप्त्यवगमप्रवेशश्रवणस्वाम्यर्थयाचनक्रियेच्छादीप्त्यवाप्त्यालिङ्गनहिंसादानभागवृद्धिषु)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअवतिअवतःअवन्ति
मध्यमअवसिअवथःअवथ
उत्तमअवामिअवावःअवामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: अवति · लिट्: आव · लुट्: अविता · लृट्: अविष्यति · लोट्: अवतात् · लङ्: आवत् · विधिलिङ्: अवेत् · आशीर्लिङ्: अव्यात् · लुङ्: आवीत् · लृङ्: आविष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अवन · ण्वुल्: आवकः · तृच्: अविता · ण्यत्: आव्यः · तव्य: अवितव्यः · अनीयर्: अवनीयः · क्त: अवितः · क्तवतु: अवितवान् · शतृ: अवन् · स्य-शतृ: अविष्यन् · क्त्वा: अवित्वा · ल्यप्: प्राव्य · तुमुन्: अवितुम् · णमुल्: आवम् · घञ्: आवः · क्तिन्: ऊति · क्वसु: वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
अवतिअव् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: अवत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + शतृ | अवत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

अवति ➤ संरक्षण करना, जाना, कामना करना, प्रेम करना, संतुष्ट करना, आनन्दित करना, प्रवेश करना, सुनना, मालिक होना, आज्ञा करना, मांगना, कर्म करना, कान्तियुक्त होना,प्राप्त होना, आलिंगन करना, मार डालना, दुख होना, ग्रहण करना, ग्रहण ह…
संस्कृत: रक्षणगतिकान्तिप्रीतितृप्त्यवगमप्रवेशश्रवणस्वाम्यर्थयाचनक्रियेच्छादीप्त्यवाप्त्यालिङ्गनहिंसादानभागवृद्धिषु

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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