॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: संरक्षण करना, जाना, कामना करना, प्रेम करना, संतुष्ट करना, आनन्दित करना, प्रवेश करना, सुनना, मालिक होना, आज्ञा करना, मांगना, कर्म करना, कान्तियुक्त होना,प्राप्त होना, आलिंगन करना, मार डालना, दुख होना, ग्रहण करना, ग्रहण होना, बढ़ाना, शक्तिमान होना
संस्कृत: रक्षणगतिकान्तिप्रीतितृप्त्यवगमप्रवेशश्रवणस्वाम्यर्थयाचनक्रियेच्छादीप्त्यवाप्त्यालिङ्गनहिंसादानभागवृद्धिषु
अंग्रेज़ी: to protect,to go, to desire, to wish, to love, to please, to satisfy, to enter, to hear, to own, to order, to command, to request, to beg, to act, to glow, to shine, to obtain, to hug, to embrace, to kill, to hurt, to grow, to gain power
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अवति | अवतः | अवन्ति |
| मध्यम | अवसि | अवथः | अवथ |
| उत्तम | अवामि | अवावः | अवामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: अवति · लिट्: आव · लुट्: अविता · लृट्: अविष्यति · लोट्: अवतात् · लङ्: आवत् · विधिलिङ्: अवेत् · आशीर्लिङ्: अव्यात् · लुङ्: आवीत् · लृङ्: आविष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अवन · ण्वुल्: आवकः · तृच्: अविता · ण्यत्: आव्यः · तव्य: अवितव्यः · अनीयर्: अवनीयः · क्त: अवितः · क्तवतु: अवितवान् · शतृ: अवन् · स्य-शतृ: अविष्यन् · क्त्वा: अवित्वा · ल्यप्: प्राव्य · तुमुन्: अवितुम् · णमुल्: आवम् · घञ्: आवः · क्तिन्: ऊति · क्वसु: वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अवति | अव् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अवत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + शतृ | अवत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अव् + शतृ |
अवति ➤ संरक्षण करना, जाना, कामना करना, प्रेम करना, संतुष्ट करना, आनन्दित करना, प्रवेश करना, सुनना, मालिक होना, आज्ञा करना, मांगना, कर्म करना, कान्तियुक्त होना,प्राप्त होना, आलिंगन करना, मार डालना, दुख होना, ग्रहण करना, ग्रहण ह…
संस्कृत: रक्षणगतिकान्तिप्रीतितृप्त्यवगमप्रवेशश्रवणस्वाम्यर्थयाचनक्रियेच्छादीप्त्यवाप्त्यालिङ्गनहिंसादानभागवृद्धिषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड