🕉️ 29 October 2026, Thursday · 04:51:16 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

मर्चयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

मर्चयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

मर्चयति

अर्थ: शब्द करना

संस्कृत: शब्दार्थे

अंग्रेज़ी: to sound

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. मर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. मर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. मर्चयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मर्च् + शतृ
  4. मर्चयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मर्च् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — मर्च् (चुरादिगण) · अर्थ: शब्द करना (शब्दार्थे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथममर्चयतिमर्चयतःमर्चयन्ति
मध्यममर्चयसिमर्चयथःमर्चयथ
उत्तममर्चयामिमर्चयावःमर्चयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मर्चयति · लट् (आत्मने.): मर्चयते · लिट्: मर्चयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): मर्चयाञ्चक्रे · लुट्: मर्चयिता · लुट् (आत्मने.): मर्चयिता · लृट्: मर्चयिष्यति · लृट् (आत्मने.): मर्चयिष्यते · लोट्: मर्चयतात् · लोट् (आत्मने.): मर्चयताम् · लङ्: अमर्चयत् · लङ् (आत्मने.): अमर्चयत · विधिलिङ्: मर्चयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): मर्चयेत · आशीर्लिङ्: मर्च्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मर्चयिषीष्ट · लुङ्: अममर्चत् · लुङ् (आत्मने.): अममर्चत · लृङ्: अमर्चयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमर्चयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मर्चन · ण्वुल्: मर्चकः · तृच्: मर्चयिता · यत्: मर्च्यः · तव्य: मर्चयितव्यः · अनीयर्: मर्चनीयः · क्त: मर्चितः · क्तवतु: मर्चितवान् · शतृ: मर्चयन् · स्य-शतृ: मर्चयिष्यन् · शानच्: मर्चयमानः · क्त्वा: मर्चयित्वा · ल्यप्: प्रमर्च्य · तुमुन्: मर्चयितुम् · णमुल्: मर्चम् · क्तिन्: मर्क्ति · क्वसु: मर्चयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
मर्चयतिमर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: मर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | मर्चयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मर्च् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

मर्चयति ➤ शब्द करना
संस्कृत: शब्दार्थे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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